Marknadens största urval
Snabb leverans

Ahankar

Om Ahankar

ओ अभागे, निकम्मे, काबर पुरुष । ओ निराशा और विषात में डूबी हुई दुरात्मा! क्या तू मरने के लिए ही बनायी गयी है? क्या तू समझता है कि तू मृत्यु का स्वाद चख सकेगा? जिसने अभी जीवन का मर्म नहीं जाना, वह मरना क्या जाने? हाँ, अगर ईश्वर है, और मुझे वण्ड वे, तो मैं करने को तैयार हूँ। सुनता है ओ ईश्वर। मैं तुझसे घृणा करता हूँ, सुनता है? मैं तुझे कोसता हूँ। मुझे अपने अग्निवजों से भस्म कर वे, मैं इसका इच्छुक हूँ, मेरी बड़ी अभिलाषा है। तू मुझे अग्निकुण्ड में डाल वे। तुझे उत्तेजित करने के लिए देख, मैं तेरे मुख पर थूकता हूँ। मेरे लिए अनन्त नरकवास की जरूरत है। इसके बिना यह अपार क्रोध शान्त न होगा जो मेरे हृवय में भड़क रहा है। - इसी पुस्तक से

Visa mer
  • Språk:
  • Hindi
  • ISBN:
  • 9789390605453
  • Format:
  • Häftad
  • Sidor:
  • 152
  • Utgiven:
  • 19. oktober 2021
  • Mått:
  • 140x9x216 mm.
  • Vikt:
  • 200 g.
Leveranstid: 2-4 veckor
Förväntad leverans: 8. maj 2025

Beskrivning av Ahankar

ओ अभागे, निकम्मे, काबर पुरुष । ओ निराशा और विषात में डूबी हुई दुरात्मा! क्या तू मरने के लिए ही बनायी गयी है? क्या तू समझता है कि तू मृत्यु का स्वाद चख सकेगा? जिसने अभी जीवन का मर्म नहीं जाना, वह मरना क्या जाने? हाँ, अगर ईश्वर है, और मुझे वण्ड वे, तो मैं करने को तैयार हूँ। सुनता है ओ ईश्वर। मैं तुझसे घृणा करता हूँ, सुनता है? मैं तुझे कोसता हूँ। मुझे अपने अग्निवजों से भस्म कर वे, मैं इसका इच्छुक हूँ, मेरी बड़ी अभिलाषा है। तू मुझे अग्निकुण्ड में डाल वे। तुझे उत्तेजित करने के लिए देख, मैं तेरे मुख पर थूकता हूँ। मेरे लिए अनन्त नरकवास की जरूरत है। इसके बिना यह अपार क्रोध शान्त न होगा जो मेरे हृवय में भड़क रहा है। - इसी पुस्तक से

Användarnas betyg av Ahankar



Hitta liknande böcker
Boken Ahankar finns i följande kategorier:

Gör som tusentals andra bokälskare

Prenumerera på vårt nyhetsbrev för att få fantastiska erbjudanden och inspiration för din nästa läsning.